Radha Kripa Kataksh Stotram | राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत्र हिंदी श्री राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र (Shri Radha Kripa Kataksh Stotram) ब्रज भूमि और वैष्णव परंपरा का एक अत्यंत प्रभावशाली और मधुर स्तोत्र है। यह श्री राधा रानी की स्तुति में गाया जाता है। 1. परिचय और महत्व यह स्तोत्र भगवान शिव द्वारा रचित माना जाता है। "कटाक्ष" का अर्थ है तिरछी नजर या कृपा भरी दृष्टि । इस स्तोत्र के माध्यम से भक्त राधा रानी से प्रार्थना करता है कि वे केवल एक बार अपनी करुणा भरी दृष्टि (नजर) उस पर डाल दें, जिससे उसका जीवन धन्य हो जाए। वैष्णव संप्रदाय में राधा जी को "ह्लादिनी शक्ति" और कृष्ण की भी आराध्या माना गया है। भक्त मानते हैं कि श्री कृष्ण की पूर्ण कृपा पाने के लिए राधा जी की कृपा अनिवार्य है। 2. मुख्य विशेषताएं ब्रज का आधार: यह स्तोत्र बरसाना (राधा जी का जन्मस्थान) में अत्यंत लोकप्रिय है। वहाँ के मंदिरों में इसका गान प्रतिदिन होता है। छंद और लय: इसकी रचना अत्यंत लयबद्ध है, जिससे इसे गाना बहुत सुरीला और आनंदमय होता है। गहन भाव: इसमें राधा जी के स्वरूप, उनके श्रृंगार, उनकी लील...
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